बागेश्वर की कपकोट तहसील में बादल फटने से आए उफान में बहने से चार लोगों मौत हो गई। खाईबगड गांव में भारी नुकसान हुआ। यहां दो मकान बह गए। इनमें से एक मकान में परिवार के ये चारों सदस्य सो रहे थे। उनका कोई पता नहीं लग पाया। रात लगभग 12 बजे सल्ट विकास खंड मुख्यालय में भी बादल फटने से एक गांव में दो बरसाती नाले ऊंची पहाड़ी बहाकर ले आए। यहां पांच मकान जमींदोज हो गए, छह लोग घायल हुए हैं। देहरादून में कच्चे मकाने के मलबे में दबने से चार की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। चमोली के नारायणबगड़ और घाट ब्लाक में तीन पैदल पुल और पैदल मार्ग बह गए। उत्तरकाशी में भी बारिश से कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है। पांच मकान जमींदोज हो गए, जबकि दो दर्जन से ज्यादा आवासीय भवनों में पानी और मलबा घुस गया। केदारनाथ में बारिश तो नहीं हुई, लेकिन खराब मौसम के कारण राहत एवं मंदिर परिसर में सफाई कार्य दोपहर बाद शुरू हुआ। गुप्तकाशी से सेना के हेलीकाप्टर के जरिये केदारनाथ में मलबा और बोल्डर हटाने के लिए कुछ भारी उपकरण भी पहुंचाए गए।
Wednesday, July 31, 2013
अल्मोड़ा के एसडीएम अजय अरोड़ा मंदाकिनी के तेज बहाव में बह गए
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